नीलम शनि का रत्न है | इसे शनि के शुभ्फालो में वृधि तथा अशुभफालो में कमी के लिए धारण किया जाता है | यदि जन्मपत्रिका में शनि शुभ भावेश होकर शुभ स्तिथि में है, तो उनके शुभ फलों में वृधि के लिए नीलम रत्न धारण करना चाहिए | यदि जन्मपत्रिका में शनि नीच राशी या नवांश में स्तिथ होकर निर्बल स्तिथि में है, तो उसकी निर्बलता को दूर करने के लिए शनि रतन धारण करना चाहिए | इसी प्रकार यदि वह अस्तंगत है अथवा वक्री है या बाल्य अवस्था वृधावस्था में है, तो उसके शुभफलो में वृधि के लिए भी नीलम रत्न को धारण करना चाहीए | मकर एवं कुम्भ राशी वाले व्यक्तियों के लिए शनि रत्न नीलम धारण करना चाहिए | ज्योतिष विद्वानों की मनियता है की यदि शनि की महादशा के प्रभाव में है, तो उस महादशा अवधी के दौरान शनि रत्न नीलम धारण करने से महादशा जनित शुभफालो में वृधि होती है तथा अशुभफालो में कमी आती है | इसी प्रकार यदि शनि गोचर में अशुभ है, अथवा साडेसाती या ढाईया का प्रभाव है तो शनि रतन नीलम धारण करने से रहत मिलती है | इस सम्भन्...